ICC ODI Ranking: दुनिया के नंबर 1 बैट्समैन को मिलती है सबसे कम सैलेरी, जानिए टॉप 10 बल्लेबाजों का सालाना पैकेज

virat kohli

नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि क्रिकेट की दुनिया में करियर बनाने वाले खिलाड़ियों को कितनी सैलेरी मिलती होगी! यदि किसी खिलाड़ी को विज्ञापन न मिले, तो सालाना कितना कमाता होगा।

क्या कमाई के मामले में क्रिकेट एक बेहतरीन करियर है। हाल ही बीसीसीआई ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों का सालाना कॉन्ट्रेक्ट किया है। टीम इंडिया की बात करें तो बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा ए प्लस ग्रेड में शामिल किए गए हैं। इन दोनों बल्लेबाजों को सालाना 7 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा मैच फीस भी शामिल है। टीम इंडिया के खिलाड़ियों को वनडे के प्रति मैच में 6 लाख रुपए दिए जाते हैं। पिछले साल विराट कोहली ने सालाना फीस के अलावा वनडे के मैचों से 1.30 करोड़ रुपए कमाए थे। 

जानिए आईसीसी वनडे रैंकिंग के टॉप बल्लेबाजों का क्या है सालाना पैकेज 

आपको ये जानकार हैरानी होगी कि दुनिया के 1 नंबर बल्लेबाज बाबर आजम का सालाना कॉन्ट्रेक्ट टॉप 10 प्लेयर्स में सबसे कम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बाबर आजम को सालाना लगभग 56 लाख रुपए मिलते हैं। बाबर आजम 14 अप्रैल को विराट कोहली को पछाड़कर दुनिया के नंबर 1 बल्लेबाज बने हैं। खास बात यह भी है कि बाबर आजम टी 20 रैंकिंग में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वे टी 20 रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं। इसके बाजवूद उन्हें सबसे कम सैलेरी मिलना हैरान करता है। 

न्यूजीलैंड के बल्लेबाज रॉस टेलर आईसीसी वनडे रैंकिंग में चौथे स्थान पर हैं। उन्हें न्यूजीलैंड क्रिकेट की ओर से लगभग 1.81 करोड़ रुपए मिलते हैं। वहीं तीसरे स्थान पर आस्ट्रेलिया के तूफानी बल्लेबाज अरॉन फिंच को क्रिकेट आस्ट्रेलिया की ओर से सालाना 4.87 करोड़ रुपए मिलते हैं। आईसीसी रैंकिंग में छठे स्थान पर इंग्लैंड के बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो हैं। उन्हें सालाना लगभग 9.53 करोड़ रुपए दिए जाते हैं।  

पाकिस्तान के बल्लेबाज पांच स्थान की छलांग लगाकर अब सातवें स्थान पर हैं। फखर जमान का सालाना कॉन्ट्रेक्ट लगभग 32 लाख रुपए है। इसी स्थान पर साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज फाफ डु प्लेसिस हैं। जिन्हें सालाना 3.35 करोड़ रुपए दिए जाते हैं। हालांकि इस साल डु प्लेसिस साउथ अफ्रीका क्रिकेट कॉन्ट्रेक्ट से बाहर हैं। बहरहाल, कहना गलत नहीं होगा कि क्रिकेट एक बेहतरीन करियर है। लेकिन इसमें कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस भी बहुत बड़ी चुनौती है। 

Source – News 24

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *