Gulshan Kumar Murder Case में बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी Abdul Rauf की उम्रकैद की सजा बरकरार

Gulshan Kumar

बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुशन कुमार (Gulshan Kumar) मर्डर केस में सुनवाई करते हुए दोषी अब्दुल रऊफ मर्चेंट (Abdul Rauf) की सजा को बरकरार रखा है।

टी सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) मर्डर केस में बॉम्बे हाई कोर्ट ने दोषी अब्दुल रऊफ उर्फ दाऊद मर्चेंट की याचिका खारिज कर दी है। साथ ही कोर्ट ने मुंबई सेशंस कोर्ट की ओर से रऊफ को दी गई सजा को भी बरकरार रखा है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि रऊफ किसी भी तरह की उदारता का हकदार नहीं है। वह पहले भी पैरोल के नाम पर बांग्लादेश भाग गया था। इस पूरे मामले में कोर्ट ने सेशंस कोर्ट के रमेश तौरानी को रिहा करने के आदेश को भी बरकरार रखा है।

रमेश तौरानी को रिहा किए जाने के आदेश पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से कहा गया है कि वे इस मामले को चुनौती देंगे। जस्टिस जाधव और जस्टिस बोरकर की बेंच ने ये फैसला सुनाया है। गुलशन कुमार मामले में रऊफ मर्चेंट को कोर्ट ने दोषी ठहराया था। साल 2002 में रऊफ को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2009 में रऊफ ने बीमार मां का बहाना बनाकर पैरोल ली और रिहा होकर बांग्लादेश भाग गया था। बाद में 10 नवंबर 2016 को बांग्लादेश पुलिस ने फेक पासपोर्ट मामले में रऊफ को गिरफ्तार किया और उसे भारत को सौंप दिया गया।

रऊफ को बांग्लादेश से प्रत्यर्पित कर मुंबई लाया गया। बांग्लादेश में गिरफ्तार करने के बाद रऊफ मर्चेंट को गाजीपुर के काशिमपुर जेल में रखा गया। मालूम हो, 12 अगस्त 1997 को टीसीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। जब वे सुबह 8 बजे अंधेरी इलाके के जीतेश्वर मंदिर में पूजा करने पहुंचे तो बदमाशों ने उन्हें 16 गोलियां मारी थीं। पुलिस की जांच से पता चला कि डॉन अबु सलेम ने गुलशन कुमार से 10 करोड़ रुपये मांगे थे। गुलशन कुमार ने ऐसा करने के लिए मना कर दिया। इस बात से गुस्साए सलेम ने दो शार्प शूटर्स राजा और विनोद जगताप के जरिए गुलशन कुमार का मर्डर करवा दिया। 9 जनवरी 2001 को विनोद जगताप ने स्वीकारा कि उसने ही गुलशन कुमार को गोली मारी थी। इस हत्यकांड ने पूरे देश को सन्न कर दिया था।

Source – bollywoodlife

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