Explained: राम मंदिर की जमीन खरीद में चपत, 5 मिनट 5 सेकेंड में 2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ की हो गई

Ram Mandir

Ayodhya Mandir Land Scam: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. विपक्ष इस मामले को लेकर पूरी तरह से हमलावर है. वहीं ट्रस्ट ने भी अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है.

अयोध्या: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है. लोगों ने भी भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए दिल खोलकर दान दिया है. देश के हर हिस्से से लोगों ने करोड़ों रूपये दान के रूप में दिए हैं. इसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी मंदिर का स्वरूप भव्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. लेकिन इसी बीच ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं.

AAP सांसद ने लगाए राम जन्मभूमि ट्रस्ट में भ्रष्टाचार के आरोप

आम आदमी पार्टी (आप) से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करा रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की है. उन्होंने रविवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संस्था के सदस्य अनिल मिश्रा की मदद से दो करोड़ रुपए कीमत की जमीन 18 करोड़ रुपए में खरीदी. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधे-सीधे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है और सरकार इसकी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराये.

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दी सफाई

चंपत राय ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस तरह के आरोपों से नहीं डरते. वह खुद पर लगे आरोपों का अध्ययन करेंगे. मीडिया को जारी एक संक्षिप्त बयान में राय ने कहा, “हम पर तो महात्मा गांधी की हत्या करने का आरोप भी लगाया गया था. हम आरोपों से नहीं घबराते. मैं इन आरोपों का अध्ययन और उनकी जांच करूंगा.”

संजय सिंह ने बताया कैसे हुआ खेल !

संजय सिंह ने कुछ दस्तावेज पेश करते हुए कहा, “कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के नाम पर कोई घोटाला और भ्रष्टाचार करने की हिम्मत करेगा. लेकिन जो कागजात मैं आपको दिखाने जा रहा हूं वे चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे हैं कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के नाम पर चंपत राय जी ने करोड़ों रुपए चंपत कर दिए.” उन्होंने दावा किया कि अयोध्या सदर तहसील के बाग बिजैसी गांव में पांच करोड़ 80 लाख रुपये की मालियत वाली गाटा संख्या 243, 244 और 246 की जमीन सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी नामक व्यक्तियों ने कुसुम पाठक और हरीश पाठक से 18 मार्च को दो करोड़ रुपए में खरीदी थी.

Explained: राम मंदिर की जमीन खरीद में चपत, 5 मिनट 5 सेकेंड में 2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ की हो गई

आप सांसद ने कहा कि शाम सात बजकर 10 मिनट पर हुई इस जमीन खरीद में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह बने थें. साथ ही आरोप लगाया कि उसके ठीक पांच मिनट के बाद इसी जमीन को चंपत राय ने सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी से साढ़े 18 करोड़ रुपए में खरीदा, जिसमें से 17 करोड़ रुपए आरटीजीएस के जरिए पेशगी के तौर पर दिए गए.

कौन कौन हैं किरदार?

संजय सिंह ने आरोप लगाया, “दो करोड़ रुपए में खरीदी गई जमीन का दाम लगभग प्रति सेकंड साढ़े पांच लाख रुपए बढ़ गया. हिंदुस्तान तो क्या, दुनिया में कहीं किसी जमीन का दाम इतनी तेजी से नहीं बढ़ता. मजे की बात यह है कि जो राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय बैनामा कराने में गवाह थे, वो ही इस जमीन को ट्रस्ट के नाम पर खरीदने में भी गवाह बन गए. यह साफ तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और भारी भ्रष्टाचार का मामला है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार से मांग करता हूं कि तत्काल ईडी और सीबीआई के जरिए इस मामले की गहन जांच कराकर इसमें शामिल भ्रष्टाचारी लोगों को जेल में डाला जाए क्योंकि यह इस मुल्क के करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ-साथ उन करोड़ों लोगों के भरोसे का भी सवाल है जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा राम मंदिर निर्माण के लिए दिया है.”

किन-किन के किरदार पर है सवाल

आप सांसद ने कहा, ”इस मामले में एग्रीमेंट के स्टांप का समय और बैनामे के स्टांप का समय भी सवाल खड़ा करता है. जो जमीन बाद में ट्रस्ट को बेची गई उसका स्टांप शाम को पांच बजकर 11 मिनट पर खरीदा गया और जो जमीन पहले रवि मोहन तिवारी और अंसारी ने खरीदी उसका स्टांप पांच बजकर 22 मिनट पर खरीदा गया.” आप प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी ट्रस्ट में जमीन खरीदने के लिए बाकायदा बोर्ड का प्रस्ताव होता है, आखिर पांच मिनट में ही कैसे राम मंदिर ट्रस्ट ने यह प्रस्ताव पारित कर लिया और फौरन जमीन खरीद ली? उन्होंने आरोप लगाया, “मैं समझता हूं आज उन करोड़ों भक्तों को गहरी ठेस लगी होगी जिन्होंने प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा दिया. प्रभु श्री राम के नाम पर बने ट्रस्ट के वह जिम्मेदार लोग करोड़ों रुपए की हेराफेरी कर रहे हैं.”

भगवान राम के नाम पर दान लेकर घोटाला किया जा रहा- कांग्रेस

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर आरोप लगाया, ”हे राम, ये कैसे दिन… आपके नाम पर चंदा लेकर घोटाले हो रहे हैं. बेशर्म लुटेरे अब आस्था बेच ‘रावण’ की तरह अहंकार में मदमस्त हैं. सवाल है कि दो करोड़ में ख़रीदी ज़मीन 10 मिनट बाद ‘राम जन्मभूमि’ को ₹18.50 करोड़ में कैसे बेची? अब तो लगता है …कंसों का ही राज है, रावण हैं चहुं ओर!”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि करोड़ों लोगों ने आस्था और भक्ति के चलते भगवान के चरणों में चढ़ावा चढ़ाया. उस चंदे का दुरुपयोग अधर्म है, पाप है, उनकी आस्था का अपमान है.

सपा ने की सीबीआई जांच की मांग

समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे और अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडे ने भी अयोध्या में चंपत राय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की.

राम मंदिर निर्माण के दूसरे चरण का कार्य दिसंबर में शुरू होगा

बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दूसरे चरण की शुरुआत दिसंबर में होगी और इस दौरान मंदिर का ढांचा खड़ा करने के लिए पत्थर लगाने का कार्य किया जाएगा. मंदिर के ट्रस्ट ने बीते हफ्ते यह जानकारी दी थी. राम मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक, नींव भरने का कार्य अक्टूबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा और दिसंबर से निर्माण के दूसरे चरण की शुरुआत की जाएगी, जिसमें भव्य मंदिर का ढांचा तैयार करने के लिए पत्थर लगाने का कार्य किया जाएगा.

Source – abplive

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