E Sreedharan Resigns: दिल्ली मेट्रो से आखिरकार टूटा नाता, ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन ने DMRC को सौंपा इस्तीफा

मेट्रो मैन ई श्रीधरन ने बुधवार को डीएमआरसी के प्रधान सलाहकार पद से इस्तीफा कॉर्पोरेशन को सौंप दिया। उन्होंने हाल ही में केरल में बीजेपी जॉइन कर ली थी और वह चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

तिरुवनंतपुरम
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रधान सलाहकार ई श्रीधरन ने अपना इस्तीफा कॉर्पोरेशन को सौंप दिया। बुधवार को श्रीधरन औपचारिक रूप से दिल्ली मेट्रो से अलग हो गए। भारतीय जनता पार्टी जॉइन करने के बाद श्रीधरन के दिल्ली मेट्रो के मुख्य सलाहकार पद से अलग होने की सिर्फ औपचारिकता बाकी थी, जो बुधवार को पूरी हो गई। हाल ही में वह केरल में बीजेपी में शामिल हो गए और संकेत दिया है कि वह विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगे।

श्रीधरन ने साल 1997 में दिल्ली मेट्रो जॉइन किया था। बीती 4 मार्च को श्रीधरन आखिरी बार दिल्ली मेट्रो की खास पोशाक में नजर आए थे। यह पलारीवेट्टम में एक निर्माणाधीन फ्लाइओवर के निरीक्षण का मौका था, जिसे डीएमआरसी ने 5 महीने के रेकॉर्ड समय में पुनर्निर्मित कर दिया था। इस कार्यक्रम के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत के बारे में बात की थी।

श्रीधरन ने तब कहा था कि वह विधानसभा चुनावों के लिए अपना नामांकन दाखिल करने से पहले ही दिल्ली मेट्रो के मुख्य सलाहकार के पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि इस्तीफा देने के बाद भी वह विकास परियोजनाओं की देखरेख के लिए उपलब्ध रहेंगे। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि श्रीधरन चुनाव लड़ेंगे ही और अगर लड़ेंगे तो किस सीट से नामांकन दाखिल करेंगे। लेकिन बुधवार को उन्होंने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

श्रीधरन ने केरल में चुनाव लड़ने के लिए किसी निर्वाचन क्षेत्र को प्राथमिकता नहीं दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी से उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र को लेकर किसी तरह की मांग नहीं की है। पार्टी जहां से चाहेगी, वह वहीं से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, उन्होंने यह इच्छा जरूर जाहिर की है कि उनका निर्वाचन क्षेत्र उनके निवास स्थान पोन्नानी से ज्यादा दूर न हो। बता दें कि केरल में एक चरण में ही 6 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। 2 मई को चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित
ई श्रीधरन का जन्म 12 जून 1932 को केरल के पलक्कड़ में हुआ। उनके परिवार का संबंध पलक्कड़ के करुकपुथुर से है। ई श्रीधरन की प्रारंभिक शिक्षा पलक्कड़ के बेसल इवैंजेलिकल मिशन हॉयर सेकेंडरी स्कूल से हुई। इसके बाद इन्होंने पालघाट के विक्टोरिया कॉलेज से पढ़ाई की है। ई श्रीधरन ने सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से प्राप्त की। श्रीधरन को 2001 में पद्म श्री और 2008 में पद्म विभूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। फ्रांस सरकार ने ई श्रीधरन को 2005 में अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित कर चुकी है। यहीं नहीं अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध पत्रिका टाइम मैग्जीन ने इन्हें एशिया हीरो का टाइटल दिया था।

Source – Navbharat Times

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