राफेल के कमांडिंग ऑफिसर का अचानक क्यों कर दिया गया ट्रांसफर, हैरानी में डाल रहा कदम

सूत्रों ने बताया कि राफेल के पहले स्क्वॉड्रन के कमांडिग अधिकारी का तबादला शिलांग स्थित पूर्वी एयर कमांड के मुख्यालय में कर दिया गया है। ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह का स्थान ग्रुप कैप्टन रोहित कटारिया लेंगे।

हाइलाइट्स:

  • ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह की जगह ग्रुप कैप्टन रोहित कटारिया होंगे नए सीओ
  • अप्रैल के मध्य में राफेल लड़ाकू विमान के दूसरे स्क्वॉड्रन के तैनाती की तैयारी
  • यह स्क्वॉड्रन पश्चिम बंगाल के हाशिमारा वायु सेना अड्डे पर मुस्तैद रहेगा

नई दिल्ली
राफेल के पहले स्क्वॉड्रन के कमांडिग अधिकारी का अचानक ट्रांसफर कर दिया गया है। ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह का यह ट्रांसफर शिलांग स्थित पूर्वी एयर कमांड के हेडक्वार्टर में किया गया है। ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह की जगह ग्रुप कैप्टन रोहित कटारिया राफेल के अंबाला एयरबेस पर 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन (17 Golden Arrow Squadron) के कमांडिग अधिकारी होंगे। सूत्रों ने बताया कि ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह अपनी नई तैनाती के दौरान राफेल के दूसरे स्क्वॉड्रन की तैनाती का कामकाज संभाल सकते हैं।

फाइटर जेट के सीओ का इस तरह ट्रांसफर असामान्य
हालांकि, एयरफोर्स के इस कदम से फोर्स के भीतर ही कई तरह की सुगबुगाहट हो रही है। इस बारे में एयरफोर्स के एक अधिकारी ने ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह के तबादले को सामान्य तबादला करार दिया। एयरफोर्स के एक अधिकारी ने कहा कि यह काफी असामान्य है कि किसी भी नए जेट के एक फाइटर स्क्वाड्रन के सीओ का छह से सात महीने में अचानक ट्रांसफर कर दिया जाए। वह भी तब जबकि वह स्क्वाड्रन राफेल फाइटर जेट का हो। अभी इस स्क्वॉड्रन में 18 में से 11 विमान ही शामिल हुए हैं।

राफेल विमानों का दूसरा स्क्वॉड्रन की तैनाती के लिए तैयारी
भारतीय वायुसेना अप्रैल के मध्य में राफेल लड़ाकू विमान के दूसरे स्क्वॉड्रन (दस्ते) की तैनाती के लिये तैयार है। और यह स्क्वॉड्रन पश्चिम बंगाल के हाशिमारा वायु सेना अड्डे पर मुस्तैद रहेगा। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राफेल विमानों का पहला स्क्वॉड्रन हरियाणा के अंबाला एयरबेस पर तैनात है।

29 जनवरी को आई थी राफेल की पहली खेप
राफेल विमानों की पहली खेप पिछले साल 29 जुलाई को फ्रांस से भारत आई थी। भारत ने फ्रांस से 59 हजार करोड़ रुपये में 36 लड़ाकू विमान खरीदने के लिये साल 2015 में अंतर-सरकारी करार पर हस्ताक्षर किये थे। पिछले साल 10 सितंबर को अंबाला में हुए एक कार्यक्रम में राफेल लड़ाकू विमानों को औपचारिक रूप से वायुसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया था। तीन विमानों की दूसरी खेप तीन नवंबर को भारत आई थी जबकि तीन और विमानों की तीसरी खेप 27 जनवरी को यहां पहुंची। भारत को अगले कुछ महीनों में फ्रांस से और विमान मिलने की उम्मीद हैं। एक स्क्वॉड्रन में लगभग 18 विमान होते हैं।

rafale jet

Source – Navbharat times

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