पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फाफ डुप्लेसिस का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास, वजहों का भी किया खुलासा

सार

वह अब टी-20 प्रारूप पर ध्यान देंगे, लेकिन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (वन-डे) भी उनकी योजना का हिस्सा बना रहेगा।

विस्तार

पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने बुधवार को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। आज ही के दिन ठीक एक साल पहले फाफ डुप्लेसिस ने टेस्ट और टी-20 टीम की कप्तानी से इस्तीफा दिया था। 36 वर्षीय फाफ ने खेल के छोटे फॉर्मेट में ध्यान देने के लिए यह बड़ा फैसला लिया। 2021 और 2022 दोनों ही साल टी-20 विश्व कप होने हैं। डुप्लेसिस का मानना है कि उनके भीतर अभी काफी टी-20 क्रिकेट बचा है।

अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा, ‘मेरा दिल साफ है और यह वक्त एक नए अध्याय के लिए बिलकुल सही है। यह हम सभी के लिए मुश्किलों से लड़कर आगे बढ़ने वाला साल रहा। कभी अनिश्चितता भी रही लेकिन इससे कई पहलुओं को लेकर मेरी स्पष्ट राय बनी। खेल के सभी प्रारूपों में देश का प्रतिनिधित्व करना सम्मान है, लेकिन अब मेरे लिए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का समय आ गया है।’

टेस्ट, वन-डे और टी-20 मिलाकर 112 इंटरनेशनल मुकाबलों में दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 69 मैच में टीम को जीत दिलाई थी, उनकी अगुवाई में खेले गए पिछले आठ टेस्ट में से सात में प्रोटियाज को हार का सामना करना पड़ा था।

दक्षिण अफ्रीका के लिए फाफ ने 69 टेस्ट में 40 की औसत से 4,163 रन बनाए, उनके नाम 10 शतक और 21 अर्धशतक भी दर्ज है। बीते साल दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ 199 रन की पारी उनका सर्वोच्च टेस्ट स्कोर है।
 
डुप्लेसिस ने नवंबर 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था, उन्होंने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट और टी-20 कप्तान का पद छोड़ दिया है। उन्होंने 2016 में एबी डिविलियर्स से यह जिम्मा संभाला था। डुप्लेसिस इस महीने के आखिर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली घरेलू श्रृंखला से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की योजना थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण यह दौरा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

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