तीन बच्चों के पिता से शादी कर जया प्रदा ने खत्म कर लिया फिल्मी करियर, राजनीति में हुईं सुपरहिट

70-80 के दशक की हिंदी सिनेमा में राज करने वाली दक्षिण भारतीय बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा 3 अप्रैल को अपना 59वां जन्मदिन मनाएंगी। अभिनेत्री और पूर्व सांसद जया प्रदा भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं। साल 2019 में उन्होंने उत्तरप्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह वहां हार गई थीं। उसके बाद से राजनीति से अभी वो दूर हैं। उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। जया प्रदा की लोकप्रियता ऐसी है आंध्रप्रदेश में जन्मीं अभिनेत्री ने यूपी के रामपुर से चुनाव लड़ा और 2004 से 2014 तक सांसद भी रहीं। वहीं, फिल्मों की बात की जाए तो जया प्रदा ने अपने 30 साल के करियर में करीब 200 फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उनकी जोड़ी को जितेंद्र और अमिताभ के साथ लोगों ने खूब पसंद किया।

जया प्रदा

जया प्रदा का जन्म 3 अप्रैल 1962 को आंध्रप्रदेश के राजमुन्द्री  में हुआ था। उनके पिता कृष्णा राव तेलुगु सिनेमा से जुड़ हुए थे और फाइनेंशियर थे। जबकि उनकी मां एक गृहणी थीं। जाय प्रदा का असली नाम ललिता रानी है। जया बचपन से ही डांस करने में माहिर थीं। एक बार जब वह अपने स्कूल के वार्षिकोत्सव में डांस कर रही थीं तभी वहां एक फिल्म के डायरेक्टर की नजर उनपर पड़ी। उन्होंने जया को तेलुगु फिल्म ‘भूमि कोसम’ में तीन मिनट का डांस नम्बर ऑफर किया और यहीं से उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई।

जया प्रदा

तेलुगु सिनेमा में जया प्रदा ने अपने करियर की शुरुआत 1975-76 के आसपास की थी। साल 1979 में के. विश्वनाथ के निर्देशन में बनी फिल्म ‘सरगम’ से उन्होंने बॉलीवुड में एंट्री ली। ये फिल्म काफी हिट रही। जया के लिए 1984 बॉलीवुड करियर के लिए सबसे बड़ा साल रहा था। इस साल जितेंद्र और श्रीदेवी के साथ उनकी फिल्म ‘तोहफा’ भी आई। ये फिल्म भी सफल साबित हुई। जया साल 1984 से लेकर 1988 तक बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में शुमार रहीं।

jaya prada

1984 में उनकी अमिताभ बच्चन के साथ एक पिक्टर आई ‘शराबी’। इसने जया प्रदा के बॉलीवुड के करियर ग्राफ को ऊपर उठाया। वो बड़े स्टार्स के साथ काम करती थीं। उन्होंने अमिताभ बच्चन, जितेंद्र जैसे उस वक्त के टॉप स्टार्स के साथ काम किया, लेकिन साल 1988 से उनके फिल्मी करियर का ढलान शुरू हो गया। 1990 में ‘आज का अर्जुन’ उनके करियर की आखिरी मुख्य भूमिका वाली फिल्म रही। उन्हें दक्षिण भारतीय फिल्मों में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। अभिनय करने के अलावा जया प्रदा चेन्नई में जया प्रदा थियेटर की मालकिन भी हैं।

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जया प्रदा की जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला ही उनके करियर का अंत बन गया।  22 जून 1986 को जया प्रदा ने श्रीकांत नहाटा से शादी कर ली। एक्ट्रेस ने अपने करियर के पीक पर तीन बच्चों के पिता से शादी की थी। श्रीकांत नहाटा ने अपनी पहली पत्नी को तलाक नहीं दिया था और इस कारण भी ये शादी बहुत चर्चा में रही थी।

अलवर पहुंची जयाप्रदा

1994 में जया एनटी रामा राव के बुलावे पर आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी में शामिल हुईं। एनटीआर और जया प्रदा ने कई तेलुगु फिल्मों में एक साथ काम किया था और यही वजह रही कि उन्होंने ये प्रस्ताव स्वीकार भी किया, लेकिन राजनीतिक महत्वकांक्षाओं ने जया प्रदा को दक्षिण की राजनीति से उत्तर भारत का रास्ता दिखाया।

Jaya Prada

साल 2004 में जया प्रदा उत्तरप्रदेश की समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं और रामपुर से उन्होंने सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा। जया प्रदा साल 2004 से लेकर 2014 तक सपा के टिकट पर रामपुर से सांसद भी रहीं। इसके बाद जया ने आरएलडी जॉइन कर ली और 2014 के लोकसभा चुनाव में बिजनौर से उम्मीदवारी पेश की। हालांकि, वो इस सीट से जीत नहीं पाईं। इसके बाद वो 2019 में बीजेपी में शामिल हुईं, लेकिन इस बार भी उन्हें जीत नहीं मिली।

Source – amar ujala

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