चोट के बाद स्ट्रेचर पर अस्पताल पहुंचीं ममता, मिलने आए राज्यपाल के काफिले पर फेंका गया जूता, लगे ‘गो बैक’ के नारे

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह आरोप लगाया है कि बुधवार की शाम को चुनाव प्रचार के दौरान जिस वक्त वह नंदीग्राम में थीं, कुछ लोगों ने जान बूझकर उनके साथ धक्का-मुक्की की. इस दौरान उनके पैर में चोट लग गई. चुनाव आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. इधर, बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही ममता बनर्जी के इन आरोपों पर सवाल खड़े किए. पल-पल अपडेट्स के लिए बने रहिए एबीपी न्यूज के साथ…

मुख्यमंत्री के इलाज के लिए पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है. बोर्ड में सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, मेडिसिन और कार्डियोलॉजी विभागों के प्रमुख शामिल हैं.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती है. उनसे मिलने के लिए कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और अभिषेक बनर्जी गए.

विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे ने कहा, ममता बनर्जी को चोट लगी है, अगर शिकायत दर्ज होती है तो पुलिस जांच करेगी. विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे ने कहा कि पूरे मामले की निगरानी की जा रही है. शिकायत दर्ज होने पर पुलिस जांच करेगी. इसके बाद ही पता चलेगा कि क्या हुआ. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पहले ही एक विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है. इस संबंध में एक प्रारंभिक रिपोर्ट दिल्ली चुनाव आयोग को भेजी गई है. यदि जिला प्रशासन विस्तृत रिपोर्ट देता है, तो इसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार भी भेजा जाएगा.

राज्यपाल धनखड़ के क़ाफ़िले पर चला जूता कोलकाता के अस्पताल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने पहुंचे राज्यपाल जगदीप धनखड़ के निकलने के दौरान उनपर जूता फेंका गया, साथ ही धनकर गो बैक BJP गो बैक के नारे भी लगे.

गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम आ रहे हैं . वे उसी शिव मंदिर जायेंगे जहां पर बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गई थीं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नंदीग्राम में घायल होने के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ उनसे मिलने के लिए कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल पहुंचे. उनके पहुंचते ही वहां पर लोगों ने ‘राज्यपाल गो बैक’ के नारे लगाए.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम में चोट लगने के बाद कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. राज्यपाल जगदीप धनखड़ उनसे मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं.

पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा- “सहानुभूति पाने के लिए यह सियासी पाखंड है. चुनाव से पहले उन्होंने (ममता बनर्जी) ने इस नौटंकी की योजना बनाई क्योंकि नंदीग्राम में उन्हें मुश्किल का अनुभव हुआ. वह सिर्फ सीएम ही नहीं बल्कि पुलिस मंत्री भी हैं. क्या आप यकीन कर सकते हैं कि पुलिस मंत्री के साथ पुलिस नहीं होगी?”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल लाया गया है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की. इसमें उनके पैर में चोट लग गई. इसके बाद उन्होंने सांस में दर्द की भी शिकायत की.

चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घायल होने पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि जिस वक्त वह नंदीग्राम में थी उस वक्त कुछ लोगों ने धक्का-मुक्की की, जिसकी वजह से उनके पैर में चोट आई है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह आरोप लगाया कि जिस वक्त उनके साथ धक्का-मुक्की हुई उस समय 4-5 लोगों ने जानबूझकर उनके साथ ऐसा किया. उस समय कोई भी पुलिस के अधिकारी मौजूद नहीं थे और ना ही कोई स्थानीय पुलिस थी. उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह एक साजिश है. क्योंकि इतनी बड़ी लोगों की सभा में चार-पांच घंटे तक कोई पुलिस अधिकारी नहीं था.

बैकग्राउंड

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार की शाम को नंदीग्राम में घायल हो गई. उन्होंने पैर को कुचलने का आरोप लगाया है. ममता ने कहा कि 4 से 5 लोगों ने उनका पैर कुचलने की कोशिश की है. पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा कि साजिश के तहत उनके साथ ये सब हुआ है और वह इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेंगी. उन्हें को फिलहाल कोलकाता लाया जा रहा है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने सीने में दर्द की भी शिकायत की है.

बीजेपी ने बताया ‘ममता की नौटंकी’

उन्होंने टेलीविजन चैनल के साथ बात करते हुए कहा कि जिस वक्त उनके साथ यह वाकया हुआ लोकल पुलिस तक उनके साथ नहीं थी. उधर, भारतीय जनता पार्टी ने इस नाटक करार दिया है. बीजेपी ने कहा कि ममता बनर्जी नाटक करती रहती हैं. बीजेपी महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा कि बंगाल में ऐसा ममता का खौफ है कि कोई भी दल उनके खिलाफ आंख उठाकर नहीं देख सकता है. ऐसे में यह ममता के सहानुभूति बटोरने की कोशिश है.

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ममता बनर्जी हमेशा सुरक्षा घेरे में रहती है. उन्होंने कहा कि अगर वाकई में हमला हुआ है तो ममता सरकार इसकी सीबीआई जांच कराए. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कैसे पुलिस और कार्यकर्ता के रहते हुए हमला हो सकता है.

गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने इस बार अपनी परंपरागत भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. भारतीय जनता पार्टी ने यहां पर शुभेंदु अधिकारी को चुनाव मैदान में उतारा है. शुभेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के सबसे करीबी माने जाते थे और अब वह बीजेपी में शामिल होने के बाद ममता को  चुनौती दे रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ नंदीग्राम के संग्राम में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ संयुक्त मोर्चा ने मीनाक्षी मुखर्जी को उतारा है. मीनाक्षी सीपीएम की नेता हैं और पिछली बार भी चुनाव लड़ी थीं.

बंगाल में 8 चरणों में वोटिंग

पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है. 27 मार्च को राज्य में वोटिंग की शुरुआत होगी जबकि नंदीग्राम में 1 अप्रैल को मतदान होगा. ममता बनर्जी के नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद यह सीट राज्य की सबसे हॉट सीट बन गई है.

पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा की सीटें है. यहां पर सरकार बनाने के लिए 147 सीट की जरूरत है. पिछली बार 2016 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को महज 3 सीट आई थी जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 211 सीट पर जीत दर्ज की थी. लेकिन 2019 लोकसभा में 18 सीट जीतने के बाद बीजेपी राज्य में अपने लिए अवसर देख रही है.

Source – ABP Live

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