क्‍या विनोद खन्‍ना की सक्‍सेस से चिढ़ते थे अमिताभ बच्‍चन? डगमगाने लगा था ‘बिग बी’ का स्‍टारडम!

amitabh bachchan

विनोद खन्‍ना (Vinod Khanna) और अमिताभ बच्‍चन (Amitabh Bachchan) ने 70 और 80 के दशक में पर्दे पर खूब राज किया। साथ में काम भी किया। लेकिन दोनों के बीच हमेशा एक राइवलरी (Vinod Khanna and Amitabh Bachchan Rivalry) दिखी। कहने वाले कहते हैं कि विनोद खन्‍ना की पॉप्‍युलैरिटी देख अमिताभ बच्‍चन को डर लगने लगा था।

गुरुवार का दिन था। तारीख थी 27 अप्रैल 2017, समय सुबह 11:30 बजे। खबर आई कि दिग्‍गज ऐक्‍टर विनोद खन्‍ना (Vinod Khanna) अब नहीं रहे। वह एडवांस ब्‍लैडर कैंसर से पीड़‍ित थे। सिनेमा की दुनिया के हर फैन को जैसे एक गहरा झटका लगा। 2 अप्रैल 2017 को ही विनोद खन्‍ना को मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था। वह लंबे समय से बीमार थे, लेकिन परिवार ने उनकी बीमारी की बात छुपाकर रखी थी। लेकिन मौत से 21 दिन पहले ही एक तस्‍वीर सामने आई, जिसे देख किसी को भी अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ। खुद अमिताभ बच्‍चन भी अपने साथी ऐक्‍टर को देखकर दंग रह गए थे।

परिवार ने छुपाई बीमारी की खबर

निधन से 21 दिन पहले अस्‍पताल से उनकी एक तस्‍वीर सामने आई, जिसे देखकर किसी को भी अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ। तस्‍वीर में एक बेहद कमजोर शख्‍स बिल्‍कुल निरीह हालत में दूसरों के कांधे के सहारे खड़ा था। कहा गया कि ये विनोद खन्‍ना हैं। यकीन करना जायज भी नहीं था, जिस लंबे-चौड़े और बेहद खूबसूरत विनोद खन्‍ना ने पर्दे पर आख‍िरी दम तक राज किया। भला कौन यकीन करता कि वह अंतिम दिनों में ऐसे दिखने लगेंगे। वह विनोद खन्‍ना, जिसकी पॉप्‍युलैरिटी देख कभी अमिताभ बच्‍चन (Amitabh Bachchan) भी सकपका गए थे। डर लगने लगा था कि नंबर-1 की कुर्सी छिन जाएगी।

पेशावर में पैदा हुए थे विनोद खन्‍ना

पाकिस्‍तान के पेशावर में 6 अक्टूबर 1946 को पैदा हुए विनोद खन्‍ना 71 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गए। उन्‍होंने दो शादियां की थीं। कॉलेज में दोस्‍त से संगीनी बनी गीतांजलि से और फिर कविता से। पहली पत्‍नी का निधन हो गया था। अपने पीछे पत्‍नी कविता सहित 3 बेटे और एक बेटी का परिवार छोड़ जाने वाले विनोद खन्‍ना का जीवन उनके फिल्‍मों की तरह ही रोमांचक रहा है।

विलेन बनकर आए थे, जमाने ने हीरो बनाया

फिल्‍मी पर्दे पर एक विलेन के तौर पर विनोद खन्‍ना ने डेब्‍यू किया था। फिल्‍म थी ‘मन का मीत’ और 1969 का साल था। उस दौर में शायद ही ऐसा फिर कभी हुआ कि पर्दे पर किसी विलेन ने इतनी पॉप्‍युलैरिटी बटोरी की वह फिल्‍मों में हीरो बनने लगा और देखते ही देखते सुपरस्‍टार बन गया। ‘पूरब पश्चिम’, ‘सच्चा झूठा’, ‘आन मिलो सजना’, ‘मस्ताना’, ‘मेरा गांव मेरा देश’ जैसी कई फिल्मों के बूते विनोद खन्‍ना ने उस दौर में अपनी ऐक्‍ट‍िंग का लोहा मनवाया। लेकिन कहते हैं है ना कि हर रौशन चीज के पीछे एक अंधेरा भी होता है। विनोद खन्‍ना के साथ भी ऐसा ही था।

क्‍या विनोद-अमिताभ में थी दुश्‍मनी

सिनेमाई दुनिया में 70 और 80 के दशक में अमिताभ बच्‍चन का करियर भी ऊफान पर था। एंग्री यंग मैन बन चुके अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना में पर्दे पर तो हमेशा खूब दोस्‍ती दिखी, लेकिन बताया जाता है कि असल जिंदगी में दोनों कभी अच्‍छे दोस्‍त नहीं बन सके। कहने वाले तो यहां तक कहते हैं कि दोनों एक-दूसरे के दुश्‍मन थे!

विनोद की सफलता से खुश नहीं थे अमिताभ!

यह दिलचस्‍प है कि अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना ने ‘परवरिश’, ‘खून पसीना’, ‘हेरा फेरी’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ जैसे फिल्‍मों में साथ काम किया था। दोनों सुपरस्‍टार्स थे और ऐसे में दोनों की जोड़ी को खूब पसंद भी किया जाता था। लेकिन भीतर ही भीतर कुछ ऐसा चल रहा था, जिससे दर्शक अनजान थे। उस दौर के लोग बताते हैं कि अमिताभ बच्‍चन अपने सामने विनोद खन्‍ना की बढ़ती पॉप्‍युलैरिटी और करियर ग्राफ से ज्‍यादा खुश नहीं थे।

अमिताभ से ज्‍यादा बड़े रोल करने लगे थे विनोद

इसकी एक बड़ी वजह यह भी थी कि कई फिल्‍मों में तब मेकर्स ने विनोद खन्‍ना को पहली पसंद बनाया था। यहां तक कि जिन फिल्‍मों में दोनों साथ थे, वहां भी कई बार अमिताभ बच्‍चन की जगह विनोद खन्‍ना को ज्‍यादा पावरफुल रोल मिले। उनका स्‍क्रीनटाइम भी ज्‍यादा रखा गया। विनोद खन्‍ना रविवार के दिन शूटिंग नहीं करते थे। यह दिन वह परिवार के साथ बिताते थे। मेकर्स को विनोद खन्‍ना की यह शर्त भी खुशी-खुशी कुबूल थी। हालांकि, अमिताभ और विनोद खन्‍ना ने कभी खुलकर इस बारे में कुछ बात नहीं की। लेकिन यह बात विनोद खन्‍ना भी जानते थे कि अमिताभ बच्‍चन ने कई फिल्‍मों में उनके रोल कम करवाए।

विनोद बोले- हम राइवल नहीं, कंपीटिटर हैं

एक इंटरव्‍यू में जब विनोद खन्‍ना से इस बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने हंसते हुए जवाब दिया, ‘हम एक ही समय में फिल्‍में कर रहे थे। एक ही समय में आगे बढ़ रहे थे। ऐसे में हमारे बीच कंपीटिशन जरूर था। लेकिन यह कहना कि हम राइवल थे, गलत होगा। हमारे बीच कोई दुश्‍मनी नहीं थी। एक तरफ जहां अमिताभ बच्‍चन ने बॉलिवुड में आगे बढ़ते हुए खूब नाम कमाया, मैं पॉलिटिक्‍स और आध्‍यात्‍म की तरफ मुड़ गया। फिल्‍मों से दूरी बना ली।’

अमिताभ बोले- उन्‍होंने मुझे अकेला छोड़ दिया

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्‍यू में इसी बारे में अमिताभ बच्‍चन कहते हैं, ‘विनोद खन्‍ना और शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने पॉलिटिक्‍स जॉइन कर लिया और वह वहां अच्‍छा कर रहे हैं। मुझे तो ऐसा लगता है‍ कि मेरे समकालीन ऐक्‍टर्स ने मुझे सिनेमा की दुनिया में अकेला छोड़ दिया।’

…और अचानक फिल्‍में छोड़ ओशो से जुड़ गए विनोद

बहरहाल, यकीनन अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना दोनों न सिर्फ बेहतरीन ऐक्‍टर्स रहे, बल्‍क‍ि एक समझदार इंसान भी। विनोद खन्‍ना की निजी जिंदगी भी किसी रोमांचक फिल्‍म जैसी रही। दो शादियां और 1975 में जब वह करियर में टॉप पर थे, अचानक फैसला किया कि फिल्‍मों को छोड़ आध्‍यात्‍म का रुख करेंगे। यह हैरान करने वाला था। विनोद खन्‍ना ने फिल्‍मों से ब्रेक लिया और ओशो रजनीश के साथ जुड़ गए।

लौटे तो पहली पत्‍नी ने दिया तलाक, की दूसरी शादी

न्‍यूयॉर्क में ओशो के आश्रम में करीब 5 साल बिताने के बाद विनोद खन्‍ना वापस लौटे। लेकिन इस बीच बीवी गीतांजलि ने उन्‍हें 1985 में तलाक दे दिया। 1987 में विनोद खन्‍ना ने डिंपल कपाड़‍िया के साथ ‘इंसाफ’ से कमबैक किया और 1990 में कविता से शादी कर ली।

…और फिर राजनीति में की धमाकेदार एंट्री

सब ठीक चल रहा था, लेकिन तभी 1997 में उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और राजनीति में आ गए। चार बार पंजाब के गुरदासपुर से सांसद बने और केंद्रीय मंत्री भी बने। साथ में फिल्‍मों का सफर भी चलता रहा।

दो साल में बुरी तरह ब‍िगड़ गई सेहत

जीवन के आख‍िरी दिनों में विनोद खन्ना सलमान खान के साथ ‘दबंग 2’ और शाहरुख खान के साथ ‘दिलवाले’ जैसी फिल्‍म में नजर आए। 2015 में ‘दिलवाले’ रिलीज हुई थी। विनोद खन्‍ना बिल्‍कुल फिट लग रहे थे। हमेशा की तरह ही टॉल एंड हैंडसम। लेकिन दो साल बाद ही 2017 में उनकी तस्‍वीर ने जैसे हर किसी को झकझोर दिया। 27 अप्रैल को हर किसी का दिल टूट गया और मन ने यही कहा कि नहीं, विनोद खन्‍ना तो पर्दे का ‘अमर’ है वह ऐसे कैसे जा सकता है।

News Source – Navbharat Times

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *