क्या अब देश से पेट्रोल-डीजल के विदा होने का समय आ गया है, पढ़िए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने क्या कहा

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ( Nitin Gadkari ) का कहना है कि देश में बिजली को ईंधन के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है. देश में पहले से ही 81 फीसदी लीथियम-आयन बैटरीज बन रही है,

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी का दौर जारी है. कई राज्यों में तो पेट्रोल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंचने लगी है. ऐसे में सरकार कीमतों में कमी पर तो नहीं लेकिन नए विकल्प की वकालत कर रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में वैकल्पिक ईंधन की जोरदार वकालत करते हुए मंगलवार को कहा कि अब देश में वैकल्पिक ईंधन का  समय आ गया है.

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी का कहना है कि देश में बिजली को वैकल्पिक ईंधन के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है. जो आने वाले समय के लिए शुभ संकेत है. नितिन गडकरी ने कहा कि हमारा मंत्रालय वैकल्पिक ईंधन पर जोर शोर से काम कर रह है. मेरा सुझाव है कि अब देश में वैकल्पिक ईंधन का समय आ गया है. मैं पहले से ही फ्यूल के लिए इलेक्ट्रिसिटी को तरजीह देने के बात कर रहा हूं क्योंकि हमारे पास सरप्लस बिजली है.

भारत में ही बन रही हैं 81 फीसदी लीथियम-आयन बैटरीज

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में पहले से ही 81 फीसदी लीथियम-आयन बैटरीज बन रही है. इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स को भी विकसित करने का प्रयास सरकार कर रही है. ऐसे में हमारा मानना है कि अब ईंधन के नए विकल्प का सही समय आ गया है. लीथियम आयन बैटरी के क्षेत्र में अभी चीन जैसे देशों का दबदबा है लेकिन भारत सरकार भी ईंधन के विकल्प को लेकर तेजी से काम कर रही है और इस क्षेत्र में अपना दबदबा बनाना चाहती है.

8 लाख करोड़ रुपए का जीवाश्म ईंधन आयात

फिलहाल देश 8 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन का आयात करता है. उन्होंने कहा कि समस्या यह है कि वैश्विक बाजार में जीवाश्म ईंधन के दाम बढ़ रहे हैं और भारत में 70 प्रतिशत जीवाश्म ईंधन का आयात होता है. गडकरी ने कहा कि उन्होंने हाल ही में जैव-सीएनजी संचालित ट्रैक्टर को पेश किया. इसमें ईंधन के रूप में पराली, गन्ने की खोई, कपास फसल के अवशेष का उपयोग किया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें वैकल्पिक ईंधन उद्योग को तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है और तमिलनाडु कृषि के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राज्य है.’’

नहीं बढ़ेगी फास्टैग की डेडलाइन

केंद्रीय मंत्री गडकरी  ने कहा कि मैं राज्य सरकार से कृषि अवशेषों से ईंधन बनाने और किसानों को उससे अधिक आय प्राप्त करने के लिये प्रोत्साहित करने का आग्रह करता हूं. फास्टैग अनिवार्य किये जाने की समयसीमा आगे बढ़ाए जाने के बारे में पूछे जाने उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई विस्तार नहीं होगा.’’दरअसल वाहनों के लिए टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिए पथकर भुगतान को अनिवार्य कर दिया गया है.

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