एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, विजेंदर सिंह बोले-तोक्यो ओलिंपिक में पदक के हैं कई दावेदार

sanjeet kumar wins gold

भारतीय मुक्केबाजों ने सोमवार को संपन्न एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कुल 18 पदक जीते। यह भारत का इस चैंपियनशिप में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत ने कुल 13 पदक जीते थे जो उसका बेस्ट प्रदर्शन था।

नई दिल्ली
प्रो स्टार बॉक्सर विजेंदर सिंह ने एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय बॉक्सर्स के प्रदर्शन पर खुशी जताई है। विजेंदर ने कहा कि जिन हालात में हमारे मुक्केबाजों ने विदेश में जाकर देश का मान बढ़ाया है वो काबिलेतारीफ है।

भारत ने दुबई में आयोजित इस चैंपियनशिप में अपना अब तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 18 पदक अपने नाम किए जिनमें 2 गोल्ड मेडल शामिल हैं। इससे पहले भारतीय टीम ने सबसे अधिक 13 पदक जीते थे जिनमें 2 गोल्ड, 4 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज शामिल थे।

बीजिंग ओलंपिक के कांस्य पदकधारी विजेंदर (Vijender Singh) ने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मैं अपने मुक्केबाजों के प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। सभी ने बेहतर खेल दिखाया। हैवीवेट कैटेगरी में संजीत का गोल्ड जीतना अन्य मुक्केबाजों के लिए टॉनिक का काम करेगा। महिलाओं ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। 15 में से 10 मेडल जीतना महिला टीम के लिए शानदार प्रदर्शन है।’

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने 1 गोल्ड, 3 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल के साथ कुल 10 पदक अपने नाम किए। महिलाओं में पूजा ने पूजा रानी (Pooja Rani) ने रविवार को 75 किलोग्राम कैटेगरी में मावलुदा मोवलोनोवा को हराकर गोल्ड पर पंच जड़ा।

‘तोक्यो ओलिंपिक में पदक की जताई उम्मीद’
साल 2015 में पेशेवर सर्किट में उतरने वाले विजेंदर ने लगातार 12 मुकाबले जीते। बकौल विजेंदर, ‘ देखिए, तोक्यो ओलिंपिक का आयोजन यदि होता है तो मुझे उम्मीद है कि हमें पदक जरूर मिलेगा। मैं किसी एक खिलाड़ी पर दांव नहीं लगाना चाहता हूं, क्योंकि हमारे सभी बॉक्सर्स बहुत टैलेंटेड हैं और सभी पदक जीतने का माद्दा रखते हैं। इसके लिए कई दावेदार हैं। आपने संजीत का उदाहरण ले सकते हैं। जब मैं भी गया था बीजिंग ओलंपिक में तब किसी ने उम्मीद नहीं की थी।’

हार के बावजूद शिव थापा ने रचा इतिहास
शिव थापा (Shiva Thapa) भले फाइनल में हार गए हों बावजूद इसके वह इतिहास रचने में सफल रहे। थापा का एशियाई चैंपियनशिप में यह लगातार पांचवां पदक रहा। थापा ने 2013 में सोना जीता था, इसके बाद 2015 में बैंकाक में वह कांस्य जीतने में सफल रहे थे। इसी तरह 2015 में थापा ने रजत पदक जीता था। 2019 में बैंकाक मे थापा के हिस्से कांस्य आया था।

150 मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था
इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (AIBA) ने इस चैंपियनशिप के लिए 4,00,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि आवंटित की है। पुरुषों और महिलाओं की श्रेणियों के स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 अमेरीकी डॉलर से सम्मानित किया गया जबकि रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमश: 5,000 अमेरीकी डॉलर और 2,500 अमेरीकी डॉलर का पुरस्कार दिया गया। टूर्नामेंट में भारत, उज्बेकिस्तान, मंगोलिया, फिलीपींस और कजाकिस्तान जैसे मजबूत मुक्केबाजी राष्ट्रों सहित 17 देशों के 150 मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था।

SOurce – navbharattimes

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